एंटी करप्शन ब्यूरो ने पटवारी और सहायक को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकडा, सीमांकन के लिए मांगे थे 5 लाख ।

feature-top

मुंगेली। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 1 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पटवारी और सहायक को पकड़ लिया है। पटवारी ने सीमांकन के लिए 4 लाख रुपए में सौदा किया था। पहली किस्त के रूप में एक लाख रूपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। मिली जानकारी के अनुसार वैभव सोनी मुंगेली के रामगढ़ का रहने वाला है। उसने एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत किया था कि रामगढ़ में उनके पिता के नाम पर 26 एकड़ कृषि भूमि है। उसने राजस्व निरीक्षक से सीमांकन करवाने के लिए पटवारी को आवेदन दिया था। सीमांकन के बदले में पटवारी सुशील जायसवाल ने 5 लाख रूपए रिश्वत मांग रहा था ।

काफी सौदेबाजी के बाद मामला 4 लाख रुपए में सीमांकन के लिए सौदा तय हुआ। सौदा फाइनल होने के बाद वैभव सोनी से इसकी शिकायत नवंबर 2024 में ACB बिलासपुर में कर दी, क्योंकि वह रिश्वत नहीं देना चाह रहा था। शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB ने 30 जनवरी को जाल बिछाया और वैभव सोनी को 1 लाख रुपए की पहली किस्त लेकर पटवारी के पास भेजा। योजना के अनुसार प्रार्थी ने पैसा दिया और एसीबी की टीम ने आरोपी पटवारी सुशील जायसवाल, उसके सहयोगी गुलाब दास मानिकपुरी को प्रार्थी से 1 लाख रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पटवारी सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकरण में राजस्व निरीक्षक नरेश साहू की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है और उसकी संलिप्तता की जांच जारी है ।

feature-top
feature-top

Popular News