कोटवारी जमीन को बेचने के आरोप में कलेक्टर ने कोटवार को किया बर्खास्त, सरकार को वापस होगी जमीन ।

feature-top

बिलासपुर। कोटवारी जमीन को बेचने के आरोप में कलेक्टर ने एक कोटवार को बर्खास्त कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच कराया था जिसमें शिकायत सही पाई गई। बेलतरा तहसील अंतर्गत ग्राम बसहा में संतोष कुमार गंधर्व पिता सुधोराम कोटवार के पद पर पदस्थ था। अनुविभागीय अधिकारी पीयूष तिवारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार राहुल साहू ने अ 56 मद में प्रकरण दर्ज कर सुनवाई के बाद बर्खास्तगी आदेश जारी किया है। नायब तहसीलदार राहुल साहू ने ग्राम कोटवार बसहा संतोष कुमार गंधर्व को नोटिस जारी किया और मामले में जवाब मांगा। नोटिस के जवाब में कोटवार ने बताया कि कोटवारी भूमि से लगी उसकी निजी पैतृक भूमि है, उसने उसे बेचा है। पैतृक भूमि बेचने पर कोटवारी जमीन बेचने का भ्रम हुआ है ।

कोटवार के जवाब का परीक्षण किया गया और इस मामले में प्रकरण चला कर जानकारी जुटाई गई। प्रकरण में संलग्न दस्तावेजों के अवलोकन और परिशीलन से यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम बसहा तहसील बेलतरा स्थित भूमि खसरा नंबर 221/1 रकबा 0.292 हेक्टेयर को संतोष कुमार पिता स्वर्गीय सुधोराम जाति गाड़ा द्वारा खरीददार धनेश्वर प्रसाद कश्यप पिता राधेश्याम कश्यप के पास बेच दिया है। हल्का पटवारी द्वारा खसरा–1 का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें ग्राम बसहा तहसील बेलतरा में स्थित कोटवारी भूमि कोटवार संतोष कुमार पिता सुधोराम के नाम पर दर्ज होना और कोटवारी भूमि को बेचना पाया गया। कोटवार द्वारा कोटवार जमीन बेचने की पुष्टि होने के बाद कोटवार को बर्खास्त कर दिया गया है। अब उस कोटवारी भूमि को पुनः नौकर के रूप में दर्ज की जाएगी ।

कोटवारी भूमि ग्राम नौकर की शासकीय भूमि होती है। छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 230 के कंडिका पांच के अनुसार संतोष कुमार गंधर्व पिता सुधोराम को कोटवारी भूमि बेचने पर बर्खास्त कर दिया गया है। कोटवार द्वारा बेजा– कब्जा किए जाने के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर नायब तहसीलदार राहुल साहू ने कहा कि कोटवार रहते शासन के किसी अन्य कार्य में बाधा न उत्पन्न कर सके इसलिए शासन को क्षति पहुंचाने वाले कोटवार को पहले सेवा से पृथक किया गया है। बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई अलग से की जाएगी ।

feature-top
feature-top

Popular News