केन्दा एवं खोंगसरा व्यपवर्तन योजना, नहर निर्माण के लिए भू-अर्जन हेतु समाघात दल ने की अनुशंसा, हजारों किसानों को मिलेगा सिंचाई सुविधा का लाभ ।

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बिलासपुर। जिले के बेलगहना तहसील के कुसुमखेडा एवं कोनचरा गांव में मुख्य नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम कुसुमखेडा एवं कोनचरा में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया। मूल्यांकन में पाया गया कि कुसुमखेडा गांव में भू-अर्जन से 1.60 एकड़ एवं कोनचरा गांव में 5.59 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है जिसका समाघात दल ने किसानों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है ।

सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि जल संसाधन विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है एवं बसाहट से न्यूनतम दूरी का ध्यान रखा गया है। समाघात दल ने तहसील बेलगहना के अंतर्गत जल संसाधन संभाग पेण्ड्रारोड के नहर निर्माण हेतु ग्राम कुसुमखेडा में रकबा 1.60 एकड़ एवं ग्राम कोनचरा में रकबा 5.59 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए जाने की अनुशंसा की है। नहर निर्माण होने से ग्राम कुसुमखेडा के 1093 हेक्ट. एवं कोनचरा के 2302 हेक्ट. कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा ।

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