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- विडियो कान्फ्रेसिंग के जरिेय दिये निर्देश, आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जावे, जिससे आमजन को इसका लाभ मिल सके - जस्टिम गौतम भादुड़ी ।
विडियो कान्फ्रेसिंग के जरिेय दिये निर्देश, आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जावे, जिससे आमजन को इसका लाभ मिल सके - जस्टिम गौतम भादुड़ी ।
बिलासपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार सिविल, क्रिमीनल, लैण्ड इक्वीजिशन, सीनियर सीटिजन, फैमिली कोर्ट के लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवा) में लंबितं आमजन के रोजमर्रा से जुड़े हुए मामले, प्री-लिटिगेशन के मामलों इत्यादि राजीनामा योग्य प्रकरणों को आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में निराकृत किये जावे, ताकि आमजन को इसका अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके, उक्त निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी के द्वारा समस्त जिलों के जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, सचिव, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश/न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, सी.जे.एम. एवं लेबर कोर्ट जज के साथ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से विडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये आयोजित बैठक में दिये गये ।
उनके द्वारा पिछली नेशनल लोक अदालत दिनांक 9-9-2023 में जिला न्यायालयों के द्वारा निराकृत किये गये 42082 लंबित मामलों की संख्या का जिक्र करते हुए उसमें और अधिक बढ़ोत्तरी किये जाने हेतु निर्देशित करते हुए प्री-लिटिगेशन के द्वारा मामलों को अधिक से अधिक सख्ंया में निराकृत करने हेतु जोर देते हुए कहा कि इससे न्यायालयों में मामलों को आने से बचाया जा सकता है तथा प्रकरण संस्थित होने के पूर्व ही निराकृत हो जाते है जिससे पक्षकार भी अनावश्यक रूप से न्यायालयीन कार्यवाही से बच जाता हैं। इसके अलावा उनके द्वारा सभी जिला न्यायाधीशों से न्यायिक अधिकारियों की समय समय पर बैठक आयोजित कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन प्रदान किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया।
उपरोक्त विडियो कान्फ्रेसिंग बैठक में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल के द्वारा समस्त न्यायाधीशगणों से फैमिली कोर्ट के मेटर, धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण एवं मोटर दुर्घटना दावा के प्रकरण तथा राजीनामा योग्य सभी प्रकार के सिविल व आपराधिक ऐसे प्रकरण जो 05 या 10 वर्ष से लंबित हैं, को चिन्हांकित करते हुए उनका अधिक से अधिक संख्या में निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किये जाने हेतु निर्देशित किये गये। गौरतलब है कि नालसा के द्वारा वर्ष 2023 हेतु नेशनल लोक अदालत के लिए नियत तिथि के अनुसार आगामी नेशनल लोक अदालत दिनांक 09-12-2023 को होनी थी, किन्तु छत्तीसगढ़ राज्य में विधान सभा की चुनाव होने के कारण लोक अदालत की कार्यवाही में प्रभाव पड़ने की संभावना को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी के आदेशानुसार उक्त तिथि को परिवर्तित करते हुए दिनांक 16-12-2023 को आयेाजित किया जा रहा है ।
अवगत हो कि नेशनल लोक अदालत सभी स्तरों के न्यायालयों में आयोजित किये जाते हैं, जिसमें उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, फैमिली कोर्ट, उपभोक्ता फोरम, ट्रिब्यूनल के साथ साथ राजस्व के न्यायालयों में भी आयोजित किये जाते हैं, तथा लोक अदालत की नोटिस जारी करने एवं नोटिस की तामिली लोक अदालत तिथि के पूर्व पूर्ण की जाती है, जिसमें भी प्रशासन एवं पुलिस विभाग की अहम भूमिका रहती है ।
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