ED और CBI के भरोसे चुनाव लडना चाहती है भाजपा, प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी शुरू – जयराम रमेश ।

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बिलासपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि जब जब चुनाव आता है ED और CBI सक्रिय हो जाते है। मुद्दाहिन भाजपा इन्ही के सहारे चुनाव लडना चाहती है। कर्नाटक में भी यही किया था वहां की जनता ने जवाब दे दिया है। छत्तीसगढ़ में भी यही कर रहे है, अब यहां की जनता भी जवाब देने वाली है। उन्होंने कहा कि हमने जनता को जो गारंटी दे रहे है उसी के आधार पर जनादेश मांग रहे है। होटल ईस्ट पार्क में पत्रकारों से चर्चा करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आते ही भाजपा का एक ही एजेंडा रहता है और वह है ध्रुवीकरण की। प्रधान मंत्री, गृहमंत्री, UP और असम के मुख्यमंत्री समेंत भाजपा के सारे नेता एक ही भाषा, एक ही एजेंडा में काम करती है। क्योंकि मुद्दा विहीन भाजपा बौखलाई हुई है, परेशानी में है ।

यही कारण है कि चार दिन बाद चुनाव है और आज तक वो घोषणा पत्र जारी नहीं कर सकी है। दूसरी तरफ कांग्रेस की सरकार है जिसने पिछले पांच साल में किसानो, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के लिए कई क्रांतिकारी योजनाएं चलाई और उसका लाभ भी लोगों को मिला। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा की मोदीजी संघीय ढांचे को मजबूत करने की बात करते है। जबकि वास्तविकता ये है रोज संघीय ढांचे पर आक्रमण हो रहा है। विशेषकर उन राज्यों में जहां गैर भाजपा की सरकार है। राज्य को सरकारों को केंद्र से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। जबकि मनमोहन सिंह की सरकार में कभी भी राज्यों के साथ भेदभाव नहीं किया गया। छत्तीसगढ़ में उस समय भाजपा की सरकार थी। हमने कभी भी प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा या अन्य किसी योजना का बजट नहीं रोका ।

इस अवसर पर उन्होंने कहा की छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। वास्तविकता ये है की MSP की घोषणा केंद्र सरकार जरूर करती है। लेकिन धन की खरीदी राज्य की सरकार अपने संसाधन से खरीदती है। यहां छत्तीसगढ़ में तो भूपेश सरकार MSP से 6 सौ रुपए अधिक कीमत पर खरीद रही है। यही नहीं पहले प्रति एकड़ 15 क्विंटल खरीदी होती थी अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल की खरीदी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा की हम जनता के सामने 17 गारंटी रखे है। जिसमें प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी, किसानो का कर्जा माफी, गैस सिलेंडर में पांच सौ रुपए की सब्सिडी, KG से लेकर PG तक की शिक्षा जैसे मुद्दे शामिल है। इसमें से एक गारंटी तो एक नंबर से शुरू हो गई है। धान की खरीदी 1 नवम्बर से शुरू हो गई है।

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