खनिज विभाग ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करने वाले 7 ट्रेक्टर मालिकों खिलाफ हुई FIR दर्ज़, पांच साल तक कारावास की हो सकती है सजा ।

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बिलासपुर। खनिज विभाग ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करने पर 7 ट्रेक्टर मालिकों पर FIR दर्ज़ करा दी है। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से रेत चोरों में हड़कंप मच गया है। क्योंकि जिन धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है उसमे पांच वर्ष कारावास की सजा है। खनिज विभाग ने मंगला, कोनी, सेंदरी, घुटकू, निरतु, कछार एवं लोफ़ंदी क्षेत्रों को रेत खनन हेतु प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। यही नहीं इन घाटों के पहुँच मार्गों को पिलर एवं गर्डर लगाकर बाधित कर दिया गया था। इसके अलावा इन जगहों पर रेत खनन किए जाने पर वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी संबंधी बोर्ड भी लगाया गया है। इसके बावजूद इन स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। 12 एवं 13 अक्टूबर 2023 को मध्यरात्रि ग्राम मंगला के पाठबाबा क्षेत्र में खनिज विभाग ने सात ट्रेक्टर को रेत का अवैध उत्खनन करते हुए पकड़ा था ।

विभाग ने सभी ट्रेक्टरों को जब्त कर कोनी थाने के सुपुर्द कर दिया था। सभी वाहन रेत उत्खनन प्रतिबंधित क्षेत्र से पकड़े गये थे इसलिए सभी वाहन मालिकों के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में खनिज अधिनियम एवं भादवि की धारा 379, 34 के तहत जुर्म दर्ज कराया गया है। इसके पूर्व भी खनिज विभाग ने ग्राम घुटकू एवं लोफ़दी क्षेत्र में रेत चोरी एवं अवैध उत्खनन के मामलों में थाना कोनी में 06 प्रकरणों में भादवि की धारा 379, 34 तथा खनिज अधिनियम की धारा 21 के तहत अपराध दर्ज कराया था। यह भी उल्लेखनीय है कि अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन करने की पुनरावृत्ति पर 03 मामलों में खनिज अधिनियम की धारा 21(1),(2) में उल्लिखित प्रावधानों के तहत ज़िला सत्र न्याययाल में परिवाद प्रस्तुत किया गया है। इन धाराओं मे दो से पाँच वर्ष की कारावास का प्रावधान है ।

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