5 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे बिजली ठेकेदार, राज्य विद्युत कंपनी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन जारी ।

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रायपुर। प्रदेश के बिजली ठेकेदारों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके बाद राज्य के बिजली से जुड़े प्रोजेक्टों पर मुसीबत आ सकती है। इन ठेकेदारों ने सोमवार को पावर कंपनी के डंगनिया स्थित मुख्यालय का घेराव कर दिया। जहां ठेकेदारों की पुलिस के साथ जमकर झूमाझटकी भी हुई है। ठेकेदारों का आरोप है कि ऊर्जा विभाग के मंत्री के कहने के बावजूद अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा । छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिक कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के मीडिया प्रवक्ता आलम ने बताया कि आज हड़ताल की सूचना हमने पावर कंपनी प्रबंधन को दे दी थी। लेकिन उन्होंने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। आगे उन्होंने बताया कि शासन ने 2020 में आदेश निकाला था कि 20 लाख तक के टेंडर को ऑफलाइन किया जायेगा। जिसके बाद सभी विभागों ने इन्हें लागू किया ।

बिजली विभाग के अधिकारी इसे मानने को तैयार नहीं है। जबकि विभाग में श्रेणी 1 से लेकर श्रेणी 4 तक के ठेकेदार पंजीकृत हैं। श्रेणी-4 के ठेकेदारों की संख्या ज्यादा है। प्रबंधन द्वारा आदेश जारी किया गया है कि 5 लाख तक के टेंडर ऑनलाइन मोड पर भरे जाएंगे । एसोसिएशन ने बताया कि श्रेणी 4 के ठेकेदार 5 लाख तक की सीमा वाले टेंडर पर ही आश्रित हैं। इससे ठेकेदारों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसी तरह फंड व्यवस्था, बिल भुगतान, एसडी रिफंड समेत अन्य समस्याओं से ठेकेदारों को जूझना पड़ रहा है । एसोसिएशन का कहना है कि इससे पहले में भी प्रबंधन को इस संबंध में अवगत कराया गया था। मगर ध्यान नहीं दिया। अब ठेकेदारों ने मांग पूरी होने तक आज से अतिआवश्यक समेत सभी कार्यों को बंद करने का फैसला लिया है। नए कार्यों की निविदा प्रक्रिया में भी ठेकेदार हिस्सा नहीं लेंगे ।

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