जिला सहकारी बैंक तोरवा मंडी शाखा में लाखों रूपयों का गबन ।

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बिलासपुर। जिला सहकारी बैंक तोरवा मंडी शाखा में एक करोड़ से अधिक रूपयों का गबन मामले में 6 सदस्यीय जांच समिति के सामने प्रभावित किसानों ने दस्तावेज दिया है। जानकारी देते चलें कि महीना भर पहले तोरवा मंडी बैंक शाखा के कर्मचारियों ने करीब 80 किसानों  के खाता से एक करोड़ का आहरण किया। मामला सामने आने के बाद किसान संगठन ने जमकर प्रदर्शन किया। लगातार दबाव के बाद जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने 6 सदस्यी टीम का गठन कर जांच का आदेश दिया । भारतीय किसान संघ के जिला प्रमुख धीरेन्द्र दुबे ने बताया पिछले महीने मामला सामने आया कि तोरवा बैंक शाखा की एक कर्मचारी ने किसानों के खाते से लाखों रूपयों का गबन किया है। खबर के बाद छानबीन के दौरान जानकारी मिली कि बैंक शाखा के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर करीब 80 किसानों के खातों से एक करोड़ रूपयों से अधिक राशि का कूटरचना कर गबन किया है .।

किसान संघ ने बनाया दबाव

मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय किसान संघ ने किसानों की राशि अविलंब भुगतान किए जाने को लेकर प्रबंधन पर दबाव बनाया। कलेक्टर से मुलाकात के बाद जिला सहकारी बैंक प्रबंधन को 15 दिन के भीतर पीड़ित किसानों को राशि भुगतान करने को कहा गया ।

6 सदस्यीय समिति का गठन

धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि बैंक प्रबंधन और प्रशासन ने किसानों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए 6 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। मंगलवार को भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी में गबन का शिकार पीड़ित किसानों ने दस्तावेज जमा किया है। किसान नेता माधों सिंह ने बताया कि दस्तावेज की जांच राइटिंग रायपुर स्थित एक्सपर्ट सुनंदा ढेंगे रायपुर भेजा जा रहा है। दोनो किसान नेताओं ने बताया कि 30 किसानों के दस्तावेज पहले ही रायपुर भेजा जा चुका है। मंगलवार को 30 किसानों ने स्तावेज जमा किये हैं। दस्तावेज जांच की प्रक्रिया के बाद किसानों के खाते में राशि हस्तांतरित किया जाएगा ।

जांच कमेटी में शामिल सदस्य

धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि 6 सदस्यीय जांच कमेटी में शशांक दुबे, रवि सिंह, पवन छत्री, अनुपमा तिवारी, उमा खरसेंगा, नेहा शुक्ला शामिल हैं। मंगलवार को किसानों ने दस्तावेज शशांक दुबे और उमा खरसेंगा के सामने पेश किया है ।

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