दिशा समिति की बैठक में केन्द्रीय योजनाओं की गहन समीक्षा, शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को समय पर दिलाना करें सुनिश्चित: सांसद साव ।

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बिलासपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में सांसद अरूण साव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं में प्रगति की गहन समीक्षा की गई । बैठक में साव ने जिले के सभी अधिकारियों को योजनाओं के तहत् मंजूर किये गये कामों की सतत माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजनों की सहूलियत के लिए स्वीकृत किये गये विकास कार्याें को समय पर पूरा करने के लिए लगातार समीक्षा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता पर असंतोष प्रकट करते हुए और तेज गति से काम करने के निर्देश दिये हैं। जनहित की योजनाओं का शत-प्रतिशत फायदा लोगों को मिलना चाहिए। बैठक में मस्तूरी विधायक कृष्णमूर्ति बांधी, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान, महापौर रामशरण यादव सहित सभी जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष मौजूद थे । 

कलेक्टर सौरभ कुमार ने योजनाओं की ताजा प्रगति से समिति को अवगत कराया। सांसद साव ने एजेण्डा के अनुरूप बारीकी से योजनाओं की समीक्षा की तथा बेहतर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। जिला पंचायत सीईओ जयश्री जैन ने योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मनरेगा में 1 लाख 93 हजार 374 पंजीकृत परिवारों को जाॅब कार्ड जारी किया गया है। मनरेगा के तहत् 413 वन अधिकार पट्टाधारी परिवारों ने 100 दिवस का रोजगार पूरा किया है। मनरेगा के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 93 करोड़ 76 लाख रूपए का व्यय किया गया है। जिसमें मजदूरी पर 62 करोड़ 17 लाख रूपए से अधिक की राशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन का कार्य लोगों के लिए लाभप्रद होना चाहिए। मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्याें की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।

जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश

सांसद ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने कहा। लिमतरा से कर्रा मार्ग सहित योजना के तहत अधूरे पड़े कार्यो को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी आवास योजना को दुरूस्त करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह गरीबों के स्वयं के मकान होने के सपने को साकार करने वाली योजना है। इसमें किसी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जायेगी। लोगों को आवास के लिए भटकना न पड़े।  सांसद ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरमी के मौसम में ग्रामों में पेयजल की समस्या न हो, यह सुनिश्चित किया जाए ।

इसके अलावा गांवों में पेयजल की दिक्कतों का तत्परता से निराकरण के निर्देश दिये गये। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत संचालित कामों की ठीक से मॉनीटरिंग करने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देश दिये गये। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना अनुसूचित जाति बहुल गांवों के सर्वागीण विकास के लिए चलाई जा रही है। फिलहाल 50 ग्रामों में यह योजना लागू है। गांवों में योजना की जानकारी देने के लिए होर्डिग्ंस लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना का प्रचार-प्रसार व्यापक रूप में करने कहा। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पेंशन योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक के अंत में आभार प्रकट किया ।

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